अंक ज्योतिष में 3 मूलांक का विशेष महत्व होता है. जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है तो उनका मूलांक 3 होगा. मूलांक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति है, जो सभी ग्रहों के गुरु हैं. मूलांक 3 के लोग बहुत स्वाभिमानी होते हैं. इन लोगों…
किसी ने सच ही कहा है, “खुली आँखों से देखे गए सपने, बिना मेहनत के कभी पुरे नहीं होते।” ये कहानी है Famous American Actor, Comedian, Writer & Artist जिम कैरी Jim Carrey की। जिनका असली नाम James Eugene (यूजिने) Carrey है। अपने career के शुरुवाती दिनों में Jim stand-up comedy और stage show किया…
ग्रह वह विशाल खगोलीय पिंड होते हैं जो अंतरिक्ष में पृथ्वी के साथ-साथ अपनी धुरी पर स्थिर रहकर गतिमान होते हैं। यह आकार में धरती के बराबर या उससे कई गुना बड़े भी हो सकते हैं। अंतरिक्ष में पृथ्वी के समान कई ग्रह मौजूद होते हैं परंतु उनका वातावरण पृथ्वी से भिन्न होता है। सभी…
कर्क राशि वाले जातकों का स्वामी चंद्रमा होता है, राशि चक्र का चौथा चिन्ह है। इसकी वजह से इनका स्वभाव भी चंद्र की तरह कोमल और परिवर्तनशील होता है।पूरी राशि का सबसे ज्यादा सहानुभूति रखने वाला चिन्ह कर्क है, जिसका प्रतीक केकड़ा है।कर्क राशि के व्यक्ति का स्वभाव और व्यक्तित्व जानिए 2. कर्क राशि वाले…
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में नवम भाव व्यक्ति के भाग्य को दर्शाता है और इसलिए इसे भाग्य का भाव कहा जाता है। जिस व्यक्ति का नवम भाव अच्छा होता है वह व्यक्ति भाग्यवान होता है। इसके साथ ही नवम भाव से व्यक्ति के धार्मिक दृष्टिकोण का पता चलता है। गुरू नवम स्थान का…
जन्मपत्रिका में अष्टम भाव को मृत्यु का भाव कहा जाता है। मृत्यु का भाव होने के साथ ही यह भाव गूढ़ विद्या तथा अकस्मात धन प्राप्ति का भाव भी कहलाता है। जन्म कुंडली में अष्टम भाव जातकों का आयु भाव कहलाता है। यह भाव जातकों की दीर्घायु अथवा जीवन की अवधि को बताता है। ज्योतिष…
कुंडली में सप्तम भाव पति-पत्नी एवं व्यापर से सम्बंधित विषयो को दर्शाता है। जन्म कुंडली में सप्तम भाव व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी तथा पार्टनर के विषय का बोध कराता है। यह नैतिक, अनैतिक रिश्ते को भी दर्शाता है। शास्त्रों में मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष हैं। इनमें काम का…
कुंडली में पंचम भाव इमेजिनेशन, रोमांस और संतान से जुड़ा होता है। यह भाव आपके खुशियों का घर कहलाता है। इस भाव से जो खुशी मिलती है, वो अक्सर आपके रचनात्मक प्रयासों का प्रतिफल होती है। कुंडली के 5वें घर को लॉटरी, गम्ब्लिंग, पजल्स , कार्ड, शेयर, सट्टेबाजी और स्टॉक एक्सचेंज जैसे अवसरों के लिए…
कुंडली का चतुर्थ भाव जातक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भाव होता है क्योंकि यह भाव जातक की माँ से सम्बंधित भाव है जब व्यक्ति का जन्म होता है तो जन्म के बाद उसकी देखभाल ठीक तरह से माँ ही कर पाती है जिससे उस व्यक्ति का आगे का आने वाला जीवन अच्छा हो सके।…
Presentation: Indian food is a different and lively embroidery of flavors, varieties, and smells that havespellbound taste buds all over the planet. With its broad utilization of flavors, new fixings, and localvarieties, Indian food offers a culinary experience like no other. In this blog entry, we will dive into thecomplexities of Indian cooking, investigating its…
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