बृहस्पति ग्रह (Jupiter Planet) को देव ग्रह माना जाता है. नौ ग्रहों में बृहस्पति ग्रह को राजा माना जाता है। ज्योतिष में इस ग्रह को सबसे शुभ ग्रह का दर्जा प्राप्त है। बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं और दैत्य गुरु शुक्राचार्य के कट्टर विरोधी हैं। भारद्वाज गोत्र के सभी ब्राह्मण इनके वंशज माने जाते हैं।…
यदि आप आकाश की ओर देख रहे हैं, और शुक्र ग्रह से कोई कामना कर रहे हैं, तो आपकी कामना पूरी हो सकती है। यह सच है, क्योंकि प्रेम का स्वामी आपको खाली हाथ नहीं छोड़ सकता। शुक्र हमारे तारकीय तंत्र का सबसे चमकीला आकाशीय पिंड है, और यह बुध के बाद सूर्य के सबसे…
ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों की बहुत महत्व बताया गया है. नव ग्रहों में शनि ग्रह एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है. ये ग्रह व्यक्ति के जीवन में सबसे ज्यादा प्रभाव डालता है. ये ग्रह सबसे धीमी चाल से चलने वाला ग्रह होता है जिसके कारण इसका शुभ-अशुभ प्रभाव सबसे ज्यादा समय तक रहता है. …
क्या आप जानते हैं मनुष्य और पशु-पक्षियों की तरह ग्रहों की भी आयु होती है। जी हां, ग्रहों की भी आयु होती है। जिस तरह मनुष्य की बाल्यावस्था, यौवनावस्था, प्रौढ़ावस्था, वृद्धावस्था होती है, ठीक उसी प्रकार ग्रहों की भी पांच प्रकार की अवस्थाएं होती हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक ग्रह की अवस्था उसकी राशि…
राहु एक क्रूर और छाया ग्रह है लेकिन कूटनीति का सबसे बड़ा ग्रह भी माना जाता है और यह कड़े संघर्ष के बाद अच्छी सफलता दिलाता है, ऐसा कई महापुरुषों की कुंडली में देखने को मिला है। वहीं कुंडली में अगर राहु की स्थिति सही नहीं है तो व्यक्ति को आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव आदि…
ज्योतिषशास्त्र में जिस प्रकार से सभी ग्रहों के गुण बताए गए हैं, वैसे ही उनके कमजोर होने से पैदा होने वाली समस्याओं के बारे में भी बताया गया है.ज्योतिष में कुल मिलाकर नौ ग्रह बताएं गए हैं। हर ग्रह अलग-अलग फल प्रदान करता है। इन्हीं ग्रहों में से होता है केतु, ज्योतिष में केतु को…
यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है यानी कि यदि आपकी चंद्र राशि वृषभ राशि है तो यह राशिफल विशेष रूप से आपके लिए ही है। आइए अब जानते हैं कि यह साल आपके लिए क्या कहता है यह वृषभ राशि का भविष्यफल। आपका जन्म यदि वृषभ राशि में हुआ है तो वर्ष की…
कर्क राशि वाले जातकों का स्वामी चंद्रमा होता है, राशि चक्र का चौथा चिन्ह है। इसकी वजह से इनका स्वभाव भी चंद्र की तरह कोमल और परिवर्तनशील होता है।पूरी राशि का सबसे ज्यादा सहानुभूति रखने वाला चिन्ह कर्क है, जिसका प्रतीक केकड़ा है।कर्क राशि के व्यक्ति का स्वभाव और व्यक्तित्व जानिए 2. कर्क राशि वाले…
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में नवम भाव व्यक्ति के भाग्य को दर्शाता है और इसलिए इसे भाग्य का भाव कहा जाता है। जिस व्यक्ति का नवम भाव अच्छा होता है वह व्यक्ति भाग्यवान होता है। इसके साथ ही नवम भाव से व्यक्ति के धार्मिक दृष्टिकोण का पता चलता है। गुरू नवम स्थान का…
जन्म कुंडली का सबसे महत्वपूर्ण भाव दशम भाव होता है। दशम भाव पिता, व्यापार, उच्च नौकरी, राजनीति, राजसुख, प्रतिष्ठा, विश्वविख्याति का कारक भाव माना जाता है। इसे कर्म भाव भी कहते हैं। जातक अपने कर्म से महान विख्यात एवं यशस्वी भी होता है और अपने पिता का नाम रोशन करने वाला भी होता है। दशमेश…
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